गेट लगाने पर विवाद बढ़ा, तहसीलदार ने जांच का दिया आश्वासन; वार्डवासियों ने चक्का जाम की चेतावनी दी
खैरागढ़. खैरागढ़ के सांस्कृतिक भवन के सामने बुधवार को अतिक्रमण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। एक व्यक्ति द्वारा खाली पड़ी जमीन पर गेट लगाने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका आसपास के दुकानदारों और वार्डवासियों ने विरोध कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम को पहुंचना पड़ा।
दुकानदार ने किया विरोध, बताया नजूल भूमि
जानकारी के अनुसार नसीर मेमन अपने भवन के पास स्थित खाली जगह पर गेट लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान पास में दुकान संचालित करने वाले शशांक ताम्रकर ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि जिस जमीन पर गेट लगाया जा रहा है वह नजूल की भूमि है, इसलिए वहां किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता।
नसीर मेमन का दावा—अपनी निजी जमीन पर लगा रहा हूं गेट
इस पर नसीर मेमन ने जवाब देते हुए कहा कि पीछे की जमीन उनकी निजी है और वे अपने ही भूखंड पर गेट लगा रहे हैं। विवाद की सूचना मिलते ही वार्ड के कई नागरिक भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि नसीर मेमन द्वारा जिस स्थान पर गेट लगाया जा रहा है वह सरकारी नजूल भूमि है और गेट लगाकर पीछे की खाली जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
वार्डवासियों का आरोप—सरकारी बोरिंग और रास्ते पर भी कब्जा
स्थानीय नागरिकों ने यह भी बताया कि जिस जमीन पर वर्तमान में भवन बना है, वहां पहले सरकारी बोरिंग हुआ करती थी, जिसे कथित रूप से कब्जा कर लिया गया। वहीं जिस रास्ते पर गेट लगाया जा रहा है, वह वर्षों से वार्डवासियों के आवागमन का रास्ता रहा है। अब उस रास्ते को बंद कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
दस्तावेज दिखाकर मुआवजा मिलने का किया दावा
विवाद के दौरान नसीर मेमन ने अपने दस्तावेज भी मौके पर दिखाए और दावा किया कि उन्हें सड़क चौड़ीकरण के दौरान मुआवजा भी मिला है। हालांकि वार्ड के कुछ जागरूक नागरिकों ने भी अपने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि जिन कागजातों का हवाला दिया जा रहा है, उस जमीन पर पहले से भवन बना हुआ है और उससे अधिक क्षेत्र में निर्माण किया गया है।
तहसीलदार बोले—गुरुवार को टीम करेगी मौके पर जांच
स्थिति को देखते हुए मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और बताया कि गुरुवार सुबह राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी। मूल नक्शा और दस्तावेजों के आधार पर नाप-जोख कर यह तय किया जाएगा कि जमीन किसकी है। यदि अतिक्रमण पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
तत्काल जांच की मांग, वार्डवासियों का प्रशासन पर आरोप
हालांकि वार्डवासी तत्काल मौके पर ही जांच कराने की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि वर्षों से अतिक्रमण की शिकायत की जा रही है, लेकिन हर बार जांच का आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है। लोगों ने अधिकारियों से कहा कि मूल नक्शा खैरागढ़ में ही उपलब्ध होगा, इसके लिए बहानेबाजी नहीं की जानी चाहिए।
जांच नहीं हुई तो चक्का जाम की चेतावनी
इस दौरान वार्डवासियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गुरुवार सुबह मौके पर जांच नहीं हुई तो मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विवाद के चलते कुछ समय तक क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही, जिसे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश देकर शांत कराया।