खैरागढ़ महोत्सव उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे सांसद
विश्वविद्यालय का भ्रमण कर वस्तु स्थिति से हुए थे अवगत
महोत्सव की प्रशंसा कर विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में सहयोग देने कही थी बात
खैरागढ़. दिल्ली के संसद भवन में जारी संसद सत्र के दौरान गुरुवार को राजनांदगांव लोकसभा के सांसद संतोष पांडे ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक धरोहर है। सांसद श्री पाण्डेय ने आगे कहा कि खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय शास्त्रीय संगीत को समर्पित एशिया का पहला विश्वविद्यालय है जहां नृत्य, संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, ग्राफिक्स, क्राफ्ट एवं डिजाइन सहित अनेक विधाओं की शिक्षा दी जाती है और विदेशों से भी छात्र-छात्राएँ आकर अध्ययन करते हैं। वैश्विक स्तर पर विश्वविद्यालय की बड़ी प्रतिष्ठा है लेकिन इस विश्वविद्यालय को वह मान-सम्मान अब तक नहीं मिला जिसका वह हकदार है।
तीन दिवसीय खैरागढ़ महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे सांसद
19 से 21 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय खैरागढ़ महोत्सव के प्रथम दिन सांसद संतोष पांडेय बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने की थी। इस दौरान सांसद ने विश्वविद्यालय के आर्ट गैलरी का भ्रमण कर यहां के विभिन्न कलाओं को बारीकी से देखकर उसका अवलोकन किया था साथ ही विश्वविद्यालय की प्रकृति से अवगत हुए थे। उन्होंने तीन दिवसीय खैरागढ़ महोत्सव की भी सराहना की थी और इस विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग की बात कही थी। ललित कलाओं को समर्पित इस विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने सांसद महोदय ने दिल्ली के संसद भवन में मांग उठाई और इस विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की मांग की है।
कुलपति ने सांसद का जताया आभार
इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा अपने पदस्थापना के बाद से ही विश्वविद्यालय को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए नवाचार सहित विभिन्न कार्य कर रही हैं ऐसे में सांसद संतोष पाण्डेय के द्वारा संसद में इस विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की मांग की सराहना करते हुए कुलपति महोदया ने सांसद महोदय का आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि विश्वविद्यालय को दुनिया का श्रेष्ठ विश्वविद्यालय बनाना है जिसके लिए इस विश्वविद्यालय को केंद्रीय पटल पर ले जाना आवश्यक है।