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साहू समाज चुनाव 2025 : टीलेश्वर साहू की जबरदस्त वापसी, 180 मतों से दर्ज की ऐतिहासिक जीत Featured

 

भाजपा जिला अध्यक्ष बिशेसर साहू का पैनल पूरी तरह ध्वस्त, टीलेश्वर पैनल ने सभी पदों पर मारी बाजी

 

खैरागढ़. साहू समाज के त्रिवार्षिक आम चुनाव 2025 का परिणाम सोमवार को घोषित हुआ, जिसमें टीलेश्वर साहू ने अध्यक्ष पद पर करीब 180 मतों की प्रचंड बढ़त के साथ एकतरफा जीत हासिल की।

कुल 754 मतदाताओं में से 680 समाजजनों ने मतदान किया था। भारी मतदान और गांव-गांव में चले गर्म चुनाव प्रचार के बीच यह नतीजा समाज के भीतर स्पष्ट संदेश देता है कि इस बार मतदाताओं ने अनुभव और निरंतरता पर भरोसा जताया है।

 

 

टीलेश्वर साहू पैनल की सर्वांगीण विजय

 

नतीजों ने साफ कर दिया कि टीलेश्वर साहू के नेतृत्व में समाज ने उनके पूरे पैनल पर विश्वास जताया है।

उपाध्यक्ष, पुरुष संगठन सचिव, महिला संगठन सचिव—चारों पदों पर टीलेश्वर पैनल ने एकतरफा जीत दर्ज की, जिससे चुनावी मैदान में उनके पक्ष में बनी मजबूत लहर को प्रमाणित किया।

 

टीलेश्वर साहू, जो पूर्व में जनपद पंचायत के अध्यक्ष और जिला साहू समाज के अध्यक्ष रह चुके हैं, लगातार समाज के कार्यों में सक्रिय रहे हैं। अध्यक्ष रहते हुए समाज भवन हेतु जमीन की व्यवस्था और भवन निर्माण की स्वीकृति उनके महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल है। सामाजिक वर्गों में उनकी यही सक्रियता और लंबे समय से किए जा रहे कार्यों ने इस बार उनके पक्ष में मजबूत माहौल तैयार किया।

 

इसके साथ ही टीलेश्वर साहू को समाज के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हेमू साहू का सहयोग भी मिलता रहा है, जिसने चुनावी रणनीति को और धार दी।

 

बिशेसर साहू पैनल की करारी हार—भाजपा संगठन का प्रभाव भी नहीं चला

 

दूसरी ओर, भाजपा संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ. बिशेसर साहू, जिन्हें जिले के कद्दावर भाजपा नेता व पूर्व जिला अध्यक्ष घम्मन साहू का भी पूरा साथ मिला, लेकिन भारी प्रचार-प्रसार और राजनीतिक प्रभाव के बावजूद समाज के मतदाता उनके पैनल के पक्ष में नहीं झुके।

 

नतीजे घोषित होते ही यह साफ दिखा कि राजनीतिक प्रभाव समाज के भीतर फैसला नहीं बदल सका, और समाजजनों ने अनुभवशील नेतृत्व को प्राथमिकता दी।

 

मतदाताओं ने दिया संदेश—अनुभव, कार्य और विश्वास को चुना

 

मतदान में उत्साह उल्लेखनीय रहा। सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक साहू सदन में मतदान का जोर दिखा। मतदाताओं ने स्पष्ट तौर पर संकेत दिया कि समाज की एकजुटता, विकास और दीर्घकालिक योजनाओं के लिए स्थिर नेतृत्व आवश्यक है।

 

टीलेश्वर साहू की भारी जीत से यह भी जाहिर हुआ कि समाज का बड़ा हिस्सा पिछली कार्यप्रणाली और उपलब्धियों से संतुष्ट रहा है, जिसके कारण यह चुनाव पैनल के बजाय विश्वास बनाम प्रयोग का मुकाबला बन गया—और विश्वास की जीत ने चुनावी माहौल में नई चर्चा छेड़ दी है।

 

समाज में उत्सव जैसा माहौल, समर्थकों में खुशी की लहर

 

जैसे ही अंतिम मतगणना पूरी हुई, टीलेश्वर साहू समर्थक झूम उठे। साहू समाज सदन से लेकर गांवों तक जीत की खबर पहुंचते ही जश्न का माहौल छा गया।

 

टीलेश्वर साहू ने जीत को समाज की एकता की जीत बताते हुए कहा कि भविष्य में वे समाज के लिए और अधिक सशक्त योजनाएं लेकर काम करेंगे।

 

आगे की राह

 

टीलेश्वर साहू का यह दूसरा बड़ा जनादेश है, जिसने न केवल उनके नेतृत्व को और मजबूत किया है, बल्कि साहू समाज के भीतर संगठनात्मक स्थिरता का नया अध्याय भी खोल दिया है। चुनाव परिणामों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि समाज में एकजुटता और विकास का मॉडल टीलेश्वर के नेतृत्व में ही आगे बढ़ने वाला है। साहू समाज के लिए यह चुनाव परिणाम भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित होगा।

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