×

Warning

JUser: :_load: Unable to load user with ID: 807

खैरागढ़ नगर पालिका में नीलामी घोटाला: विधायक प्रतिनिधि ने की कार्रवाई और नीलामी निरस्त करने की मांग

खैरागढ़. नगर पालिका परिषद खैरागढ़ में वर्ष 2025 में संपन्न हुई दुकान नीलामी में गंभीर आर्थिक अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। तुलनात्मक रिपोर्टों से स्पष्ट हुआ है कि 2023 में जिन दुकानों की नीलामी ऊंची दरों पर हुई थी, उन्हीं दुकानों को 2025 में आधे से भी कम मूल्य पर फिर से नीलाम कर दिया गया। इस कथित मिलीभगत से नगर पालिका को करीब ₹64 लाख 77 हजार का सीधा नुकसान हुआ है, जिससे नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नियमों को दरकिनार कर पुराने बोलीकर्ताओं को दिया फायदा

प्राप्त जानकारी के अनुसार नीलामी प्रक्रिया में जिम्मेदार अधिकारियों ने नियमों को दरकिनार करते हुए पूर्व बोलीकर्ताओं को ही दोबारा अत्यंत कम दरों पर दुकानें आवंटित कीं। नियमों के मुताबिक प्रथम बोलीकर्ता की बोली निरस्त होने पर द्वितीय बोलीकर्ता को अवसर दिया जाना चाहिए था, लेकिन उसे न देकर कथित रूप से कुछ विशेष व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया गया। इस कथित षड्यंत्र से नगर पालिका की राजस्व प्राप्ति में भारी कमी आई और सार्वजनिक संपत्ति को औने-पौने दामों में बेचने जैसे हालात बन गए।

विधायक प्रतिनिधि ने की शिकायत, जांच व कार्रवाई की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका परिषद खैरागढ़ के विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने नगरीय प्रशासन विभाग रायपुर को विस्तृत शिकायत भेजी है। शिकायत में नीलामी प्रक्रिया को “मिलीभगत और आर्थिक अपराध” बताते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने तथा नीलामी को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई है। उन्होंने 2023 और 2025 की नीलामी की तुलनात्मक सूची भी शिकायत के साथ संलग्न की है, जिसमें 40 से 60 प्रतिशत तक दरों में कमी स्पष्ट दर्ज है।

नपा संपत्ति को औने-पौने बेचने का आरोप, विपक्ष ने जताया रोष

इस पूरे प्रकरण पर नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह खुली लूट और जनहित के साथ खिलवाड़ है। नगर पालिका की संपत्तियों को जानबूझकर कम दरों पर बेचकर सार्वजनिक राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो विपक्ष जन आंदोलन शुरू करेगा।

संयुक्त संचालक दुर्ग को भी भेजी प्रतिलिपि, जांच को लेकर बढ़ी उम्मीद

विधायक प्रतिनिधि ने शिकायत की प्रति संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग, को भी भेजी गई है ताकि उच्च स्तरीय जांच सुनिश्चित की जा सके। नगरवासियों में भी इस कथित घोटाले को लेकर नाराजगी है और लोग नीलामी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं

Rate this item
(1 Vote)

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.