चुनावी चश्मे से देखें दशहरा / देवव्रत के मंच पर दिखे कांग्रेसी। उन्हें देखने के बाद विधायक गिरवर जंघेल की टिकट फाइनल होते कई कांग्रेसियों के दल बदलने की सुगबुगाहट को मिला बल। उत्सव देखने उमड़ी भीड़ में जोगी कांग्रेसियों को दिखे मतदाता तो समर्थन में लगवाए नारे।

नियाव@ खैरागढ़

संगीत नगरी के पारंपरिक दशहरे में इस बार चुनावी रंग चढ़ा दिखा। कमल विलास पैलेस से निकली शाही बग्घी में तो राजपरिवार के देवव्रत सिंह ही सवार हुए, लेकिन देखने वालों को वे विधानसभा प्रत्याशी यानी जोगी के बाबा ज्यादा दिखे। तभी तो देवव्रत के इर्द-गिर्द वालों की गिनती होती रही। फतेह मैदान में उमड़ी भीड़ से मतदाताओं में उनकी पकड़ का अंदाजा लगाया जाता रहा। और तो और उत्सव के दौरान लगाए गए आयोग के कैमरे ने भी इसकी पुष्टि कर दी।

पैलेस से निकलने के बाद शाही जुलूस पूरे नगर में घूमा। रास्तेभर राउत नाचा, पंथी नृत्य और डीजे की धुन पर थिरकते युवा उत्सव का उत्साह बढ़ाते दिखे। रात तकरीबन 8 बजे सिविल लाइन दुर्गा चौक से शुरू हुई यह यात्रा बस स्टैंड, अंबेडकर चौक, संगीत विश्वविद्यालय होते हुए दंतेश्वरी मंदिर पहुंची। यहां पूजा-अर्चना के बाद शाही जुलूस अस्पताल चौक, गोल बाजार, बख्शी मार्ग, इतवारी बाजार से वापस मुख्यमार्ग होते हुए फतेह मैदान पहंुचा। जैसे ही देवव्रत मंच पर चढ़े छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के शिरीष मिश्रा और शेखरदास वैष्णव ने उनकी जीत के समर्थन में नारे लगवाए।

 

 

बेटी ने उतारी आरती और बग्घी में बैठा बेटा भी: कमल विलास पैलेस में देवव्रत सिंह की पत्नी विभा सिंह के बाद बेटी शताक्षी सिंह ने अपने पिता को तिलक लगाया। आरती उतारी। वहीं बग्घी में बेटा आर्यव्रत अपने पिता के साथ बाजू में बैठा। इस पूरे आयोजन के दौरान पैलेस में भी कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही।

 

 

बेटे को देख गदगद हुए देवव्रत: दुर्गा चौक सिविल लाइन में देवी की पूजा के बाद दोनों बग्घी में सवार हुए। वहीं बातचीत के दौरान आर्यव्रत की हंसी छूटी ओर देवव्रत भी मुस्कुराए। 

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दशहरे के मंच पर दिखे कांग्रेसी भी: दंतेश्वरी मंदिर से नगर पालिका अध्यक्ष मीरा गुलाब चोपड़ा की खुली जीप भी शाही सवारी के पीछे चली। वहीं फतेह मैदान में दशहरे के मंच पर कांग्रेसी पार्षद मनराखन देवांगन देवव्रत के साथ खड़े दिखे। सुगबुगाहट है कि विधायक गिरवर जंघेल की टिकट फाइनल होते ही कई कांग्रेसी फिर से दल बदलेंगे।

 

कुलपति की मौजूदगी में छात्रों ने किया स्वागत: जैसे ही शाही सवारी अंबेडकर चौक से इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की तरफ बढ़ी विवि प्रशासन अलर्ट हो गया। खुद कुलपति प्रो. मांडवी सिंह छात्र-छात्राओं के साथ परिसर में खड़ी दिखीं। यहां विश्वविद्यालय की छात्राओं ने देवव्रत का तिलक लगाकर स्वागत किया।

 

रावण दहन के बाद आतिशबाजी से रंगा आकाश: नगर भ्रमण के बाद शाही सवारी फतेह मैदान पहुंची और रात तकरीबन पौने बारह बजे रावण दहन किया गया। इससे पहले आतिशबाजी का सिलसिला चला। इसे देखने के लिए मैदान में ग्रामीण इकट्‌ठा हुए। मैदान में भी चुनावी चर्चा चलती रही।

 

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