खैरागढ़ में पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को दी प्रेरणा
खैरागढ़. देश की प्रथम महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर खैरागढ़ ब्लॉक के एक स्थानीय विद्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा नेता विप्लव साहू ने छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर सावित्रीबाई फुले को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान विप्लव साहू ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले केवल एक शिक्षिका ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की अग्रदूत थीं। उन्होंने ऐसे दौर में महिलाओं और वंचित वर्ग के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त किया, जब समाज में इसके प्रति भारी विरोध था। उन्होंने अपने पति महात्मा ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर देश का पहला बालिका विद्यालय शुरू किया और शिक्षा के माध्यम से समाज में समानता और न्याय की नींव रखी।
विप्लव साहू ने कहा कि सावित्रीबाई फुले को “शिक्षा की देवी” कहना गलत नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने लड़कियों और वंचित समाज के लिए शिक्षा का दीप जलाया। उन्होंने भ्रूण हत्या के विरोध, बाल हत्या प्रतिबंध गृह की स्थापना, विधवा मुंडन जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाई और समाज सुधार के कई ऐतिहासिक कार्य किए। इसके साथ ही सत्यशोधक समाज के माध्यम से उन्होंने समानता और सामाजिक न्याय की विचारधारा को मजबूत किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के बीच शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जागरूकता के महत्व पर भी चर्चा की गई। विप्लव साहू ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और समाज में समानता व न्याय के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने सावित्रीबाई फुले के जीवन और संघर्षों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकगण और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।