ख़ैरागढ़. श्रावण पर्व पर सिद्धपीठ में बाहर प्रदेशों श्रद्धालुओं के आने का क्रम भी निरंतर जारी है। श्री रुक्खड़ देव स्थान कुही महाराष्ट्र से श्रधालुओं का जत्था बुधवार को पहुंचा। ट्रस्ट के अध्यक्ष रामकुमार सिंह ने बताया कि कुल 2 दर्जन से अधिक श्री रुक्खड़ स्वामी बाबा के सिद्ध स्थलों की जानकारी बीते कुछ दिनों में मिली है। जिनमें से नारधा,देवादा के अतिरिक्त कुही से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। ट्रस्ट समिति बाहर प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की उचित व्यवस्था भी कर रही है।
कुही में भी है समाधि स्थल
कुही के श्रद्धालुओं के जत्थे के प्रमुख रामभाऊ क्षीरसागर ने बताया कि कुही में समाधि स्थल है। और हम साल किसी न किसी माध्यम से ख़ैरागढ़ पहुंचते हैं। क्षीरसागर के साथ सूरज कुमार धनजोडें,अंकित भुजंडे, विक्की भोंगाड़े,विक्की करनुके,शंकर ठाकरे,आसिफ शेख,तन्मय क्षीरसागर, विशाल धनजोडें,शिल्पा धनजोडें, हर्षदा क्षीरसागर,पल्लवी क्षीरसागर,निशांत बांते, सार्थक देवतले,दिलीप बावड़े, केशव भोंगाड़े,संजय कांवड़े, अशोक एलडे, जीवन लेंडे, ज्ञानेश्वर धनजोडें सहित अन्य शामिल थे।

दो दर्जन से अधिक स्थानों की मिली जानकारी
ख़ैरागढ़ के अतिरिक्त चिमूर जिला - चंद्रपुर,दिगरस,जिला - नागपुर,भंडारा - खमतालाब ( सभी महाराष्ट्र ) श्री रुक्खड़ वनग्राम,सिवनी ( मध्यप्रदेश ),पालडोंगरी,लांजी,मध्यप्रदेश,दुल्लापुर,कवर्धा, दशरंगपुर,खैरा,नारदा,देवादा सहित अन्य स्थानों की जानकारी मिली है। साथ काशी के मणिकर्णिका घाट में बाबा के सिद्ध स्थल की सूचना प्राप्त हुई है।

रुक्खड़ वनग्राम को लेकर सांसद से करेंगें पहल की अपील
कुही से आए हुए भक्त मंडल ने श्री रुक्खड़ वन ग्राम में समाधि स्थल पर आम भक्तों के आने जाने में होने वाली दिक्कतों का उल्लेख किया तो ट्रस्ट समिति के उपाध्यक्ष और सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह ने विश्वास दिलाया कि चूंकि स्थल मध्यप्रदेश में है इसलिए सांसद सँतोष पांडेय से इस दिशा में पहल का अनुरोध किया जाएगा।