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एंटी करप्शन ब्यूरो ने पाठ्य पुस्तक निगम के तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया Featured

By May 10, 2020 464 0

रायपुर : एंटी करप्शन ब्यूरो ने पाठ्य पुस्तक निगम में हुई धोखाधड़ी के मामले में तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है 4 दिन पहले एंटी करप्शन ब्यूरो ने एफ आई आर दर्ज किया।

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मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के एक टेंडर में किए गए भ्रष्टाचार के लिए निगम के अधिकारी कर्मचारियों के साथ साथ एक सप्लायर फर्म होप इंटरप्राइजेज के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
आरोप है कि पाठ्य पुस्तक निगम के तत्कालीन महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी ने अन्यलोगों के साथ मिलकर जानबूझकर साजिश के तहत भ्रष्टाचार किया है और टेंडर में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

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इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो के एडीजी जीपी सिंह ने बताया की सिर्फ एक फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए यह तमाम साजिश की गई है, उस फर्म का नाम है होप इंटरप्राइजेज।

जानकारी के मुताबिक अशोक चतुर्वेदी और कमेटी के सभी सदस्यों ने फर्जी तरीके से झूठ ही निविदाओं पर फैसला लिया और ओम इंटरप्राइजेज को करोड़ों का काम दिया।
हालांकि फर्जी तरीके से 4 फर्मों का नाम बताया गया लेकिन उसमें से 3 फर्मों तो थे ही नहीं, सिर्फ होप  इंटरप्राइजेज को ही काम दिया गया है बाकी के सभी कागजात नकली थे नकली बिजली बिल बनाए गए सारे कागजात फर्जी थे।

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एडीजी जीपी सिंह ने बताया कि इस मामले में होप इंटरप्राइजेज के कर्मचारी बृजेश तिवारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है क्योंकि उन्होंने ही फर्जी दस्तावेज पेश किए थे कोई भी टेंडर नहीं भरा गया था बल्कि होप इंटरप्राइजेज को सोची समझी साजिश के तहत न्यूनतम दर वाला घोषित करने के लिए टेंडर में फर्जीवाड़ा किया गया था जिन फर्मों के नाम में से टेंडर शामिल किए गए उसमें नकली कागजात जारी करने के बाद पूरे साढ़े छह करोड़ का फायदा होप इंटरप्राइजेज को पहुंचाया गया इसलिए उन पर जालसाजी करने, शासन को धोखा देने और आपराधिक काम करने के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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