ख़ैरागढ़. पीडब्लूडी विभाग अद्भुत है,यहाँ ठेकेदारों के चेक कटने से लेकर निर्माण कार्य तक रात में ही होते है।अब इसे अधिकारियों की कर्मठता कहें। या घटिया निर्माण को संरक्षण। पर हालात बुरे हैं। बेस वर्क में घटिया निर्माण को अंजाम देने के बाद अब डामरीकरण में भी घाल मेल जारी है। और आने वाले समय में बारिश में इस घटिया निर्माण का पोल खुलना तय है। क्योंकि सड़क निर्माण में स्तरहीन डामरीकरण को अंजाम दिया जा रहा है। जिसकी वजह से सड़क में अभी से पैचेस नज़र आने लगे हैं। जिसको रिपेयर कर सड़क चमकाने की तैयारी है। पूरी सड़क में लगभग हर जगह इस डामरीकरण से पहले किए गए बेस वर्क की पोल खुलती नज़र आ रही है।

नहीं लगाया बोर्ड
किसी गांव में यदि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क बनती है,या कोई अन्य कार्य होता है। तो बकायदा उस निर्माण कार्य से संबंधित बोर्ड लगाया जाता है। पर करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे सड़क में जानकारी छुपाने की नीयत से न ही सोनेसरार की ओर बोर्ड लगाया गया है। और न ही पिपरिया की ओर बोर्ड लगाया है। जबकि निर्माण से पूर्व प्रस्तावित सड़क का बोर्ड सड़क के दोनों तरफ लगाया गया था।
खम्हरिया का अधूरा काम बना परेशानी का सबब
खम्हरिया वार्ड के पास सड़क अधूरा होने से वार्डवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिन भर गाड़ियों की आवाजाही से यहाँ धुएं का गुबार उड़ता रहता है।

सेतु निगम पुल, तब तक पूरी नहीं होगी सड़क
बाईपास में आने वाले बड़े पुलों का निर्माण सेतु निगम को करना है। पर यहाँ भी लेट लतीफी है। और फिलहाल संभावना ही नज़र नहीं आ रही है कि पुल निर्माण भी शुरू हो पायेगा।
शुरू से हुआ भ्रष्टाचार
बाईपास निर्माण में शुरू से भ्रष्टाचार का खेल जारी है। मुआवजे में पूँजीपतियों को लाभ पहुँचाने से लेकर बेस वर्क तक के भ्रष्टाचार में विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत रही है।

अधिकारी नहीं देते जवाब
मामले में लोक निर्माण विभाग के आलाअधिकारियो से संपर्क का प्रयास किया गया । लेकिन अधिकारियों ने फ़ोन नहीं उठाया और वाट्सअप से भेजे गए सवालों का जवाब नहीं दिया। सब इंजीनियर अंकित जैन ने ज़रूर कहा कि डामरीकरण नियमानुसार किया जा रहा है।